Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27: ₹28.75 में मिलेगा पौधा, Online Apply
Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27: बिहार सरकार के कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा किसानों और इच्छुक लोगों को नारियल की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नारियल पौधा वितरण योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नारियल के पौधे निर्धारित अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाते हैं। बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म उपलब्ध है।
अगर आप बिहार के निवासी हैं और अपने खेत, बाड़ी, घर के आसपास की जमीन या किचेन गार्डन में नारियल के पौधे लगाना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है। योजना के तहत प्रति पौधा ₹115 की इकाई लागत पर 75% अनुदान निर्धारित है। इस प्रकार सरकार की ओर से ₹86.25 का अनुदान और लाभार्थी की ओर से ₹28.75 प्रति पौधा अंशदान निर्धारित किया गया है।
इस लेख में आपको Bihar Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27 की पात्रता, मिलने वाले अनुदान, जरूरी दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पौधों की संख्या और आधिकारिक लिंक की पूरी जानकारी मिलेगी।
Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27: Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | नारियल पौधा वितरण योजना |
| वित्तीय वर्ष | 2026-27 |
| राज्य | बिहार |
| संबंधित विभाग | कृषि विभाग, उद्यान निदेशालय |
| योजना का प्रकार | राज्य योजना |
| मुख्य उद्देश्य | नारियल की खेती को बढ़ावा देना |
| प्रति पौधा इकाई लागत | ₹115 |
| सरकारी अनुदान | 75% यानी ₹86.25 प्रति पौधा |
| लाभार्थी का अंशदान | ₹28.75 प्रति पौधा |
| न्यूनतम पौधे | 5 |
| अधिकतम पौधे | 712 |
| योजना का क्षेत्र | बिहार के सभी 38 जिले |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | horticulture.bihar.gov.in |
नोट: आवेदन स्वीकार होने, पौधों की उपलब्धता और वितरण की तारीख की पुष्टि संबंधित जिला उद्यान कार्यालय से जरूर करें।
Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27 क्या है?
नारियल पौधा वितरण योजना बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की एक राज्य योजना है। इसका उद्देश्य बिहार जैसे राज्य में नारियल के पौधों का रोपण बढ़ाना और किसानों को बागवानी की नई संभावनाओं से जोड़ना है।
नारियल का उपयोग पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजनों, खाद्य पदार्थों, पेय पदार्थों और विभिन्न घरेलू जरूरतों में किया जाता है। बिहार में भी नारियल की मांग बनी रहती है। ऐसे में राज्य में उपयुक्त स्थानों पर नारियल के पौधे लगाने से भविष्य में स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।
योजना के अंतर्गत निर्धारित इकाई लागत पर 75% अनुदान दिया जाता है। इससे लाभार्थियों को पौधे खरीदने के लिए पूरी निर्धारित राशि स्वयं खर्च नहीं करनी पड़ती।
यह योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की स्वीकृत अवधि से संबंधित है। वर्तमान वर्ष के लिए विभागीय पोर्टल पर दिए गए निर्देशों को प्राथमिकता दें।

Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27
नारियल पौधा वितरण योजना में कितना अनुदान मिलेगा?
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि नारियल के पौधों की निर्धारित इकाई लागत का 75% हिस्सा अनुदान के रूप में दिया जाता है।
आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार गणना इस प्रकार है:
| विवरण | राशि |
|---|---|
| एक पौधे की इकाई लागत | ₹115 |
| अनुदान प्रतिशत | 75% |
| सरकारी अनुदान | ₹86.25 |
| लाभार्थी का अंशदान | ₹28.75 |
इसका अर्थ है कि निर्धारित दर पर एक नारियल का पौधा प्राप्त करने के लिए लाभार्थी का अंशदान ₹28.75 होगा।
अलग-अलग पौधों पर कितना खर्च होगा?
| पौधों की संख्या | कुल इकाई लागत | सरकारी अनुदान | लाभार्थी का अंशदान |
|---|---|---|---|
| 5 पौधे | ₹575 | ₹431.25 | ₹143.75 |
| 10 पौधे | ₹1,150 | ₹862.50 | ₹287.50 |
| 20 पौधे | ₹2,300 | ₹1,725 | ₹575 |
| 50 पौधे | ₹5,750 | ₹4,312.50 | ₹1,437.50 |
| 100 पौधे | ₹11,500 | ₹8,625 | ₹2,875 |
| 712 पौधे | ₹81,880 | ₹61,410 | ₹20,470 |
ये आंकड़े निर्धारित इकाई लागत और अनुदान प्रतिशत के आधार पर गणना किए गए हैं। वास्तविक वितरण विभागीय स्वीकृति, पौधों की उपलब्धता और लागू नियमों के अधीन होगा। जमीन तैयार करने, खाद, सिंचाई और पौधों की सुरक्षा का खर्च अलग हो सकता है।
नारियल पौधा वितरण योजना का लाभ कौन ले सकता है?
योजना के अंतर्गत ऐसे किसानों और इच्छुक लाभार्थियों को नारियल के पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, जो अपनी जमीन पर पौधों का रोपण करना चाहते हैं। आधिकारिक योजना विवरण में शहरी क्षेत्रों के व्यक्तियों को भी लाभ लेने की अनुमति का उल्लेख है।
प्रमुख शर्तें निम्नलिखित हैं:
- आवेदक बिहार राज्य का किसान होना चाहिए और विभागीय नियमों के अनुसार पंजीकृत होना चाहिए।
- कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर किसान पंजीकरण की आवश्यकता पूरी होनी चाहिए।
- पौधे लगाने के लिए जमीन उपलब्ध होनी चाहिए।
- जमीन की राजस्व रसीद या भूमि से संबंधित निर्धारित प्रमाण देना होगा।
- जमीन के दस्तावेजों में नाम स्पष्ट नहीं होने पर वंशावली जैसे अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है।
- लाभार्थी को निर्धारित न्यूनतम और अधिकतम पौधों की सीमा का पालन करना होगा।
- आवेदन विभाग की जांच और पौधों की उपलब्धता के आधार पर स्वीकृत होगा।
महत्वपूर्ण: योजना के लाभ के लिए जमीन से जुड़े दस्तावेज अनिवार्य हैं। आवेदन करने से पहले वर्तमान पोर्टल पर दिए गए नियम और निर्देश पढ़ लें।
कितने नारियल के पौधे मिल सकते हैं?
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार एक लाभार्थी को न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 नारियल के पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
योजना के विवरण में प्रति हेक्टेयर 178 पौधों की दर का उल्लेख है। इसलिए अधिक संख्या में पौधे लेने की योजना बनाने वाले आवेदकों को जमीन के क्षेत्रफल और लागू मानकों की जांच करनी चाहिए।
उदाहरण के लिए:
- घर के आसपास सीमित जमीन उपलब्ध है, तो न्यूनतम 5 पौधों के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- बाड़ी या किचेन गार्डन में जगह होने पर उपलब्ध स्थान के अनुसार पौधों की संख्या चुन सकते हैं।
- बड़े खेत में व्यावसायिक बागवानी की योजना होने पर निर्धारित क्षेत्रफल और अधिकतम सीमा के अनुसार आवेदन करें।
केवल अधिक पौधे लेने के उद्देश्य से आवेदन न करें। पौधों के बीच उचित दूरी, मिट्टी, पानी और उनकी देखभाल के लिए पर्याप्त जगह होना जरूरी है।
Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27 के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज और विवरण तैयार रखें:
| दस्तावेज | उपयोग |
|---|---|
| किसान पंजीकरण संख्या | कृषि विभाग में पंजीकरण की पहचान |
| आधार कार्ड या पहचान संबंधी विवरण | आवेदक की पहचान |
| जमीन की राजस्व रसीद | भूमि से संबंधित प्रमाण |
| वंशावली | जरूरत पड़ने पर भूमि संबंधी संबंध स्पष्ट करने के लिए |
| मोबाइल नंबर | आवेदन और सूचना प्राप्त करने के लिए |
| जमीन का विवरण | पौधे लगाने के स्थान की जानकारी |
दस्तावेजों की सटीक सूची ऑनलाइन आवेदन फॉर्म और विभागीय निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती है। सभी विवरण सही भरें और दस्तावेज स्पष्ट रूप से अपलोड करें।
Nariyal Paudha Vitran Yojana Online Apply 2026: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल पर नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म उपलब्ध है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए सामान्य चरणों का पालन करें।
Step 1: आधिकारिक वेबसाइट खोलें
सबसे पहले बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट पर जाएं:
https://horticulture.bihar.gov.in/
यहां उपलब्ध योजनाओं में नारियल पौधा वितरण योजना का विकल्प खोजें।
Step 2: नारियल पौधा वितरण योजना चुनें
योजना के नाम पर क्लिक करके 2026-27 के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म को खोलें।
आप सीधे आधिकारिक आवेदन पेज भी खोल सकते हैं:
https://horticulture.bihar.gov.in/HortMIS/InputBasedStateScheme/OnlineAppCoconutSchemeState.aspx
Step 3: किसान पंजीकरण की जानकारी भरें
फॉर्म में मांगी गई किसान पंजीकरण संख्या और अन्य आवश्यक विवरण भरें। यदि पोर्टल पर पंजीकरण से संबंधित कोई समस्या आती है, तो पहले अपनी पंजीकरण स्थिति जांचें।
Step 4: व्यक्तिगत और जमीन की जानकारी दर्ज करें
आवेदन में मांगी गई जानकारी सावधानी से भरें। जमीन का विवरण और पौधे लगाने का स्थान सही दर्ज करें।
Step 5: पौधों की संख्या चुनें
निर्धारित सीमा के अनुसार पौधों की संख्या भरें। आधिकारिक निर्देशों के अनुसार न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधों की सीमा लागू है।
Step 6: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
जमीन की राजस्व रसीद तथा फॉर्म में मांगे गए अन्य दस्तावेज अपलोड करें। यदि जमीन के रिकॉर्ड में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है, तो लागू नियम के अनुसार वंशावली संलग्न करें।
Step 7: आवेदन की जांच करके सबमिट करें
फॉर्म में भरी गई सभी जानकारियों को दोबारा जांचें। जानकारी सही होने पर आवेदन सबमिट करें और उपलब्ध होने पर आवेदन संख्या या रसीद सुरक्षित रखें।
Step 8: आवेदन की स्थिति और पौधों के वितरण की जानकारी लें
आवेदन के बाद संबंधित जिला के सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय से संपर्क करके आवेदन की स्थिति, पौधों की उपलब्धता, अंशदान जमा करने की प्रक्रिया और वितरण की तारीख की जानकारी प्राप्त करें।
ध्यान दें कि ऑनलाइन आवेदन करना अपने आप में योजना का लाभ स्वीकृत होने की गारंटी नहीं है। अंतिम प्रक्रिया विभागीय जांच और पौधों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
बिहार के किन जिलों में योजना लागू है?
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार नारियल पौधा वितरण योजना बिहार के सभी 38 जिलों में क्रियान्वित की जानी है।
इसमें पटना, नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, सहरसा, सारण, भोजपुर, बेगूसराय सहित राज्य के अन्य जिले शामिल हैं।
हालांकि, प्रत्येक जिले में पौधों की उपलब्धता और वितरण का लक्ष्य अलग हो सकता है। इसलिए अपने जिले के सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय से यह जरूर पूछें कि वर्तमान चरण में कितने पौधे उपलब्ध हैं और आवेदन की क्या स्थिति है।
नारियल की खेती शुरू करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
नारियल का पौधा लंबे समय तक जीवित रह सकता है, लेकिन सफल खेती के लिए सही स्थान और देखभाल जरूरी है।
1. जमीन का चयन: ऐसी जगह चुनें जहां पौधों को पर्याप्त धूप मिले और जड़ों के विकास के लिए पर्याप्त स्थान हो।
2. पानी की व्यवस्था: शुरुआती समय में पौधों को नियमित नमी की जरूरत होती है। पानी जमा रहने या लंबे समय तक सूखा पड़ने की स्थिति से बचाने के लिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें।
3. उचित दूरी: पौधों के बीच दूरी उनकी किस्म और खेती के उद्देश्य के अनुसार तय करें। अधिक पौधे लगाने के कारण भविष्य में पेड़ों के विकास में बाधा नहीं आनी चाहिए।
4. पौधों की सुरक्षा: पशुओं, तेज हवा और प्रतिकूल मौसम से छोटे पौधों की सुरक्षा करें।
5. नियमित देखभाल: खाद, निराई और सिंचाई के लिए योजना बनाएं। पौधे खरीदने के बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लाभार्थी की होती है।
6. आय का आकलन: नारियल की खेती से आमदनी आने में समय लगता है। उत्पादन और बाजार भाव की गारंटी नहीं होती, इसलिए निवेश से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27: महत्वपूर्ण लिंक
| कार्य | लिंक |
|---|---|
| बिहार उद्यान निदेशालय की वेबसाइट | https://horticulture.bihar.gov.in/ |
| नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 आवेदन फॉर्म | https://horticulture.bihar.gov.in/HortMIS/InputBasedStateScheme/OnlineAppCoconutSchemeState.aspx |
| बिहार कृषि विभाग DBT पोर्टल | http://dbtagriculture.bihar.gov.in |
| योजना संबंधी सरकारी कार्यान्वयन निर्देश | https://horticulture.bihar.gov.in/MainSite/SOP.aspx |
| सरकारी स्वीकृति संबंधी जानकारी | https://horticulture.bihar.gov.in/MainSite/SanctionOrder.aspx |
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर योजना की वर्तमान स्थिति, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27 क्या है?
यह बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की राज्य योजना है, जिसके तहत नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए पात्र लाभार्थियों को अनुदानित दर पर पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं।
2. एक नारियल के पौधे की कीमत कितनी है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के आधिकारिक पोर्टल पर प्रति पौधा इकाई लागत ₹115 निर्धारित है। 75% अनुदान के बाद लाभार्थी का निर्धारित अंशदान ₹28.75 प्रति पौधा है।
3. सरकार कितनी सब्सिडी देती है?
योजना में प्रति पौधा निर्धारित इकाई लागत पर 75% अनुदान यानी ₹86.25 निर्धारित है।
4. एक लाभार्थी कितने पौधे ले सकता है?
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधे उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वास्तविक वितरण निर्धारित मानकों और उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
5. क्या शहरी क्षेत्र के लोग भी आवेदन कर सकते हैं?
हां, आधिकारिक योजना विवरण में शहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को भी लाभ लेने की अनुमति का उल्लेख है। हालांकि, जमीन के दस्तावेज और अन्य लागू शर्तें पूरी करनी होंगी।
6. आवेदन के लिए जमीन की रसीद जरूरी है?
हां, जमीन की राजस्व रसीद अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल है। यदि आवेदक का नाम जमीन के रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार वंशावली की जरूरत पड़ सकती है।
7. नारियल पौधा वितरण योजना का ऑनलाइन आवेदन कहां करें?
आप बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सीधे आवेदन पेज का लिंक इस लेख में दिया गया है।
8. क्या आवेदन करते ही पौधे मिल जाएंगे?
नहीं, आवेदन करने के बाद विभागीय प्रक्रिया, पात्रता की जांच और पौधों की उपलब्धता के आधार पर वितरण किया जाएगा।
निष्कर्ष
Bihar Nariyal Paudha Vitran Yojana 2026-27 बिहार में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित इकाई लागत पर 75% अनुदान दिया जाता है। वर्तमान आधिकारिक विवरण के अनुसार प्रति पौधा ₹115 की इकाई लागत, ₹86.25 सरकारी अनुदान और ₹28.75 लाभार्थी का अंशदान निर्धारित है।
यदि आप नारियल की खेती करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपना किसान पंजीकरण, जमीन की राजस्व रसीद और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार करें। इसके बाद आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करके अपने जिले के उद्यान कार्यालय से पौधों की उपलब्धता की पुष्टि करें।
महत्वपूर्ण सलाह: आवेदन करने से पहले बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी को जरूर पढ़ें। योजना का लाभ विभागीय नियमों और उपलब्ध पौधों के अनुसार मिलेगा।
