Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026: बिहार बाढ़ में पशु क्षति पर सरकार दे रही है ₹37,500 तक अनुदान, आवेदन शुरू

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026: बिहार बाढ़ में पशु क्षति पर सरकार दे रही है ₹37,500 तक अनुदान, आवेदन शुरू

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026: बिहार में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण केवल फसल और मकान ही नहीं, बल्कि पशुपालकों के पशुधन को भी काफी नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में पशुपालकों को आर्थिक राहत देने के लिए निर्धारित आपदा सहायता प्रावधानों के तहत पशु क्षति पर सहाय्य अनुदान देने की व्यवस्था है।

2026 में उपलब्ध जानकारी के अनुसार बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण पशु की मृत्यु होने पर पशु की श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित है। गाय, भैंस जैसे बड़े दुधारू पशुओं के लिए ₹37,500 प्रति पशु तक सहायता का प्रावधान है। वहीं बकरी, भेड़, सूकर, बैल, घोड़ा, बछड़ा और अन्य पशुओं के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हैं।

इस लेख में हम आपको Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 क्या है, किसे लाभ मिलेगा, कितनी राशि मिलेगी, आवेदन कैसे करें, कौन-कौन से दस्तावेज लगेंगे और पशु का शव नहीं मिलने पर क्या करना होगा, इसकी पूरी जानकारी आसान भाषा में बताएंगे।

महत्वपूर्ण: यह सहायता सामान्य पशु मृत्यु के लिए नहीं, बल्कि निर्धारित नियमों के अंतर्गत बाढ़/प्राकृतिक आपदा से हुई पशु क्षति के मामलों से संबंधित है। वास्तविक स्वीकृति जांच और संबंधित विभागीय प्रक्रिया के बाद होगी।


Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 क्या है?

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 को आसान भाषा में बिहार में बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण पशुधन की हुई क्षति पर मिलने वाली सरकारी सहायता के रूप में समझा जा सकता है।

अगर किसी पात्र पशुपालक के पशु की मृत्यु बाढ़ या निर्धारित प्राकृतिक आपदा के कारण होती है, तो संबंधित नियमों के अनुसार सहायता राशि के लिए दावा किया जा सकता है।

सरकार द्वारा सहायता राशि पशु के प्रकार के आधार पर निर्धारित की गई है। इसलिए गाय की मृत्यु पर मिलने वाली राशि और बकरी या पोल्ट्री की मृत्यु पर मिलने वाली राशि समान नहीं होती।

2026 की रिपोर्टों में इस सहायता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने और निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन करने की जानकारी दी गई है।


Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 – Overview

जानकारीविवरण
योजना/सहायता का नामबाढ़/आपदा के कारण पशु मृत्यु पर सहाय्य अनुदान
वर्ष2026
राज्यबिहार
लाभार्थीआपदा से पशुधन की क्षति वाले पात्र पशुपालक
अधिकतम सहायता₹37,500 प्रति बड़े दुधारू पशु तक
आवेदन प्रक्रियानिर्धारित प्रक्रिया के अनुसार
आवेदन का माध्यमसंबंधित विभागीय/स्थानीय कार्यालय
सत्यापनसंबंधित अधिकारी द्वारा
भुगतानस्वीकृति के बाद निर्धारित प्रक्रिया से
मुख्य विभागपशु एवं मत्स्य संसाधन/संबंधित आपदा राहत व्यवस्था

बिहार में पशु क्षति पर कितनी सहायता मिलेगी?

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 में पशु की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि का प्रावधान बताया गया है।

पशु क्षति सहायता की दर

पशु/क्षति का प्रकारसहायता राशिअधिकतम सीमा
गाय, भैंस, ऊंट, याक, मिथुन जैसे बड़े दुधारू पशु₹37,500 प्रति पशुअधिकतम 3 पशु
बकरी, भेड़, सूकर₹4,000 प्रति पशुअधिकतम 30 पशु
बैल, ऊंट, घोड़ा आदि भारवाही पशु₹32,000 प्रति पशुअधिकतम 3 पशु
बछड़ा, खच्चर, गदहा/टट्टू आदि₹20,000 प्रति पशुनिर्धारित अधिकतम सीमा के अनुसार
पोल्ट्री₹100 प्रति पक्षीअधिकतम ₹5,000
घर से जुड़े पशु शेड की अग्निकांड क्षति₹3,000प्रति पशु शेड

उपलब्ध 2026 की रिपोर्ट में बड़े दुधारू पशुओं के लिए ₹37,500 प्रति पशु और बकरी/भेड़/सूकर के लिए ₹4,000 प्रति पशु की दर बताई गई है।

नोट: अधिकतम सीमा का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदक को स्वतः अधिकतम राशि मिल जाएगी। वास्तविक सहायता पात्रता, क्षति की पुष्टि और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगी।

bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026


गाय या भैंस की मृत्यु पर ₹37,500 कैसे मिलेगा?

अगर बाढ़ या किसी निर्धारित प्राकृतिक आपदा के कारण गाय या भैंस जैसे दुधारू पशु की मृत्यु होती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायता का दावा किया जा सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार बड़े दुधारू पशुओं के लिए ₹37,500 प्रति पशु सहायता निर्धारित है और यह अधिकतम तीन पशुओं तक सीमित हो सकती है।

उदाहरण के तौर पर, यदि पात्रता और सत्यापन के बाद तीन बड़े दुधारू पशुओं की क्षति स्वीकार होती है, तो निर्धारित दर के हिसाब से कुल सहायता ₹1,12,500 तक हो सकती है।

हालांकि वास्तविक भुगतान संबंधित जांच और स्वीकृति के बाद ही होगा।


बकरी, भेड़ और सूकर की मृत्यु पर कितनी राशि मिलेगी?

बाढ़ या निर्धारित प्राकृतिक आपदा के कारण बकरी, भेड़ या सूकर की मृत्यु होने पर भी सहायता का प्रावधान है।

इन पशुओं के लिए ₹4,000 प्रति पशु की दर बताई गई है और अधिकतम 30 पशुओं तक सहायता की सीमा बताई गई है।

इसलिए यदि किसी पशुपालक के कई छोटे पशुओं की आपदा में क्षति हुई है, तो उसे प्रत्येक पशु के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार दावा करना होगा।


बैल और घोड़े की मृत्यु पर ₹32,000 तक सहायता

भारवाही पशुओं के लिए भी अलग सहायता राशि निर्धारित है।

बैल, ऊंट, घोड़ा आदि भारवाही पशुओं की मृत्यु पर ₹32,000 प्रति पशु तक सहायता का प्रावधान बताया गया है।

यह सहायता अधिकतम निर्धारित संख्या तक ही सीमित होगी।


बछड़ा, गदहा, खच्चर आदि पर कितनी सहायता?

बछड़ा, गदहा, खच्चर, टट्टू आदि छोटे भारवाही पशुओं के लिए भी सहायता राशि का प्रावधान है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस श्रेणी में ₹20,000 प्रति पशु तक सहायता निर्धारित है।


पोल्ट्री की मृत्यु पर भी सहायता

अगर प्राकृतिक आपदा के कारण पोल्ट्री पक्षियों की मृत्यु होती है तो उनके लिए भी निर्धारित सहायता मिल सकती है।

उपलब्ध 2026 जानकारी के अनुसार पोल्ट्री के लिए ₹100 प्रति पक्षी, अधिकतम ₹5,000 तक सहायता का प्रावधान बताया गया है।

इसमें भी मृत्यु का कारण और आपदा से संबंधित क्षति की पुष्टि जरूरी हो सकती है।


Bihar Badh Pashu Chhati Anudan के लिए कौन पात्र है?

सामान्य रूप से इस प्रकार की सहायता उन पात्र पशुपालकों के लिए है जिनके पशुधन की क्षति निर्धारित प्राकृतिक आपदा, जैसे बाढ़, के कारण हुई हो।

पात्रता से जुड़ी मुख्य बातें

  • आवेदक बिहार का प्रभावित पशुपालक होना चाहिए।
  • पशु की मृत्यु निर्धारित आपदा के कारण हुई हो।
  • पशु क्षति की सूचना संबंधित अधिकारी को देनी होगी।
  • आवश्यक दस्तावेज और विवरण उपलब्ध कराने होंगे।
  • संबंधित अधिकारी द्वारा क्षति का सत्यापन किया जाएगा।
  • सहायता की स्वीकृति लागू सरकारी नियमों के अनुसार होगी।

केवल सामान्य बीमारी, उम्र या किसी अन्य कारण से पशु की मृत्यु होने पर इस बाढ़/आपदा क्षति सहायता का दावा स्वतः स्वीकार नहीं होगा।


Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय पशुपालक को अपनी पहचान और पशु क्षति से संबंधित जानकारी देनी पड़ सकती है।

संभावित आवश्यक जानकारी/दस्तावेज

  1. आवेदक का नाम
  2. पूरा पता
  3. मोबाइल नंबर
  4. आधार नंबर
  5. बैंक खाता विवरण
  6. मृत पशु का विवरण
  7. पशु का प्रकार
  8. पशु की संख्या
  9. मृत्यु का कारण
  10. संबंधित प्रमाण/जांच रिपोर्ट
  11. शव उपलब्ध होने या न होने की जानकारी
  12. आवश्यकता के अनुसार अन्य दस्तावेज

2026 में प्रकाशित जानकारी के अनुसार आवेदन फॉर्म में नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मृत पशु का विवरण, मृत्यु का कारण और बैंक खाते का विवरण मांगा जा सकता है।


Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 आवेदन कैसे करें?

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल आता है कि Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 Apply कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया पशु का शव उपलब्ध है या नहीं, इस आधार पर अलग हो सकती है।

स्थिति 1: पशु का शव उपलब्ध है

यदि बाढ़ में पशु की मृत्यु हुई है और उसका शव उपलब्ध है, तो सबसे पहले इसकी सूचना संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी को देनी चाहिए।

इसके बाद निर्धारित प्रपत्र में आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आवेदन को स्थानीय जनप्रतिनिधि से अग्रसारित कराने के बाद पशु चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा इसे अंचलाधिकारी की ओर भेजे जाने की प्रक्रिया बताई गई है। इसके बाद आवश्यक जांच और आगे की कार्रवाई होती है।

आसान Steps

Step 1: पशु की मृत्यु के बाद तुरंत संबंधित अधिकारी को सूचना दें।

Step 2: पशु का शव उपलब्ध होने पर उसे जांच के लिए उपलब्ध रखें।

Step 3: निर्धारित आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।

Step 4: आवेदन में पशु और आवेदक की सही जानकारी भरें।

Step 5: आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।

Step 6: निर्धारित स्थानीय स्तर से आवेदन अग्रसारित कराएं।

Step 7: पशु चिकित्सा अधिकारी/संबंधित अधिकारी द्वारा जांच कराई जाएगी।

Step 8: जांच के बाद आवेदन आगे स्वीकृति प्रक्रिया में जाएगा।

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 : Important Links

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अगर पशु का शव नहीं मिले तो क्या करें?

बाढ़ के दौरान कई बार पानी के तेज बहाव के कारण मृत पशु का शव नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया बताई गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार यदि पशु का शव नहीं मिलता है, तो पशुपालक को स्थानीय थाने में पशु क्षति के संबंध में सनहा/प्राथमिकी दर्ज करानी होगी। इसके बाद उसकी प्रति के साथ निर्धारित आवेदन संबंधित अंचलाधिकारी को देना होगा।

इसके बाद राजस्व कर्मचारी या अन्य अधिकृत कर्मी द्वारा पशु क्षति की जांच की जा सकती है।

शव नहीं मिलने पर प्रक्रिया

  1. स्थानीय थाना में सूचना दें।
  2. पशु क्षति से संबंधित सनहा/प्राथमिकी दर्ज कराएं।
  3. उसकी प्रति सुरक्षित रखें।
  4. निर्धारित आवेदन फॉर्म भरें।
  5. सनहा/प्राथमिकी की प्रति संलग्न करें।
  6. आवेदन अंचलाधिकारी को दें।
  7. संबंधित अधिकारी द्वारा क्षति की जांच कराई जाएगी।
  8. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे स्वीकृति की कार्रवाई होगी।

आवेदन फॉर्म कहां मिलेगा?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्धारित प्रपत्र विभागीय वेबसाइट, जिला पशुपालन कार्यालय तथा संबंधित भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी/प्रखंड पशु पदाधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध हो सकते हैं।

इसलिए किसी अनजान वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करके आवेदन करने के बजाय अपने क्षेत्र के संबंधित सरकारी कार्यालय से वर्तमान फॉर्म और प्रक्रिया की पुष्टि करना बेहतर है।


अनुदान का भुगतान कब मिलेगा?

आवेदन मिलने के बाद केवल फॉर्म जमा करना पर्याप्त नहीं होता। संबंधित अधिकारियों द्वारा पशु क्षति और आपदा से संबंध की जांच की जाती है।

2026 में प्रकाशित जानकारी के अनुसार आवश्यक जांच के बाद अभिलेख स्वीकृत होने पर घटना के एक सप्ताह के अंदर सहायता भुगतान का प्रावधान बताया गया है।

हालांकि वास्तविक भुगतान का समय स्थानीय सत्यापन, दस्तावेज, स्वीकृति और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर कर सकता है।


किन मामलों में सहायता नहीं मिल सकती?

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan के लिए पशु की मृत्यु का कारण महत्वपूर्ण है।

यदि पशु की मृत्यु किसी ऐसी बीमारी या अन्य कारण से हुई है जिसके लिए किसी दूसरी सरकारी सहायता योजना के तहत भुगतान किया जा रहा है, तो उसी क्षति पर दोहरी सहायता लागू न होने का प्रावधान हो सकता है।

उपलब्ध जानकारी में ऐसी स्थिति का उल्लेख किया गया है जिसमें किसी अन्य सरकारी योजना से सहायता प्राप्त होने पर यह सहाय्य अनुदान देय नहीं होगा।

इसलिए आवेदन में मृत्यु का सही कारण बताना जरूरी है।


पशुपालकों के लिए जरूरी सावधानियां

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 के लिए आवेदन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

1. पशु की मृत्यु की सूचना जल्दी दें

मृत्यु के बाद संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी को जल्द से जल्द सूचना देना बेहतर है।

2. गलत जानकारी न दें

आवेदन में पशु की संख्या, प्रकार और मृत्यु का कारण सही-सही लिखें।

3. दस्तावेज सुरक्षित रखें

आधार, बैंक विवरण, आवेदन की प्रति और प्राप्ति/रसीद को सुरक्षित रखें।

4. शव मिलने पर खुद से नष्ट न करें

यदि शव उपलब्ध है तो संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी दें ताकि आवश्यक जांच की जा सके।

5. शव नहीं मिलने पर थाना प्रक्रिया पूरी करें

ऐसी स्थिति में सनहा/प्राथमिकी की प्रति सुरक्षित रखें।

6. किसी बिचौलिए को अनावश्यक पैसा न दें

सरकारी सहायता के नाम पर कोई व्यक्ति निजी खाते में पैसा जमा करने को कहे तो पहले संबंधित सरकारी कार्यालय से पुष्टि करें।


Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 – Important Points

  • सहायता बाढ़/प्राकृतिक आपदा से हुई पशु क्षति से संबंधित है।
  • दुधारू पशु के लिए ₹37,500 प्रति पशु तक सहायता का प्रावधान है।
  • गाय/भैंस जैसी श्रेणी में अधिकतम 3 पशुओं की सीमा बताई गई है।
  • बकरी/भेड़/सूकर के लिए ₹4,000 प्रति पशु की दर बताई गई है।
  • भारवाही बड़े पशुओं के लिए ₹32,000 प्रति पशु तक सहायता है।
  • छोटे भारवाही पशुओं के लिए ₹20,000 प्रति पशु तक सहायता है।
  • पोल्ट्री के लिए ₹100 प्रति पक्षी तक सहायता का प्रावधान बताया गया है।
  • आवेदन के लिए पशु क्षति की जांच जरूरी हो सकती है।
  • शव नहीं मिलने पर थाना में सनहा/प्राथमिकी की प्रक्रिया बताई गई है।
  • भुगतान जांच और स्वीकृति के बाद किया जाता है।

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 FAQs

Q1. Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 क्या है?

यह बाढ़ या निर्धारित प्राकृतिक आपदा के कारण पशुधन की मृत्यु होने पर पात्र पशुपालकों को दी जाने वाली सहाय्य अनुदान व्यवस्था है।

Q2. गाय मरने पर बिहार में कितनी सहायता मिलेगी?

निर्धारित नियमों के अनुसार बड़े दुधारू पशुओं के लिए ₹37,500 प्रति पशु तक सहायता का प्रावधान बताया गया है। अधिकतम संख्या की सीमा भी लागू है।

Q3. क्या भैंस की मृत्यु पर भी ₹37,500 मिलेंगे?

बाढ़/आपदा से हुई पात्र क्षति में भैंस को बड़े दुधारू पशु की श्रेणी में शामिल किया गया है और ₹37,500 प्रति पशु की दर बताई गई है। अंतिम भुगतान जांच और स्वीकृति पर निर्भर करेगा।

Q4. बकरी मरने पर कितनी सहायता मिलेगी?

बकरी, भेड़ और सूकर के लिए ₹4,000 प्रति पशु की सहायता दर बताई गई है, निर्धारित अधिकतम सीमा के अधीन।

Q5. अगर पशु का शव नहीं मिले तो क्या करें?

स्थानीय थाना में पशु क्षति से संबंधित सनहा/प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी प्रति के साथ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंचलाधिकारी के पास आवेदन किया जा सकता है।

Q6. क्या आवेदन ऑनलाइन होगा?

उपलब्ध 2026 जानकारी में निर्धारित आवेदन प्रक्रिया को संबंधित स्थानीय/विभागीय कार्यालयों और प्रपत्रों से जोड़ा गया है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने जिला पशुपालन कार्यालय या संबंधित अधिकारी से वर्तमान माध्यम की पुष्टि करें।

Q7. भुगतान कब मिलेगा?

आवश्यक जांच और अभिलेख स्वीकृति के बाद घटना के एक सप्ताह के अंदर भुगतान का प्रावधान बताया गया है। वास्तविक समय प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर कर सकता है।

Q8. क्या हर पशु की मृत्यु पर यह सहायता मिलेगी?

नहीं। सहायता निर्धारित आपदा और सरकारी नियमों के अंतर्गत पात्र पशु क्षति के मामलों में दी जाती है। सामान्य बीमारी या अन्य कारणों से हुई मृत्यु पर यह सहायता स्वतः लागू नहीं होती।


निष्कर्ष

Bihar Badh Pashu Chhati Anudan 2026 बाढ़ या प्राकृतिक आपदा के कारण पशुधन गंवाने वाले पात्र पशुपालकों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था से संबंधित है। 2026 की उपलब्ध जानकारी के अनुसार बड़े दुधारू पशुओं जैसे गाय और भैंस की मृत्यु पर ₹37,500 प्रति पशु तक, जबकि अन्य पशुओं के लिए उनकी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित है।

यदि आपके पशु की मृत्यु बाढ़/आपदा के दौरान हुई है, तो देरी किए बिना संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड पशुपालन कार्यालय या अंचल कार्यालय से संपर्क करें। शव उपलब्ध होने पर उसकी जांच की प्रक्रिया और शव नहीं मिलने पर थाना में सनहा/प्राथमिकी की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो सकती है।

आवेदन करते समय नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार, बैंक खाता और पशु क्षति से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध रखें। साथ ही किसी अनधिकृत व्यक्ति या वेबसाइट को दस्तावेज अथवा पैसे देने से पहले संबंधित सरकारी कार्यालय से जानकारी जरूर सत्यापित करें।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध 2026 की सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। सहायता राशि, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और स्थानीय स्तर की आवश्यकताओं में प्रशासनिक निर्देश के अनुसार बदलाव हो सकता है। आवेदन करने से पहले अपने जिले के संबंधित सरकारी कार्यालय/विभाग से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।

Updated: September 29, 2026 — 11:55 am

The Author

Prince

सब एडिटर (इंटरनेशनल डेस्क) sarkarimap(sarkarimap.com/). पत्रकारिता का अनुभव 1.5 साल. अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत करने के बाद sarkarimap.com में नई पारी का आगाज किया है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खबरों के लेखन में दिलचस्पी.

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