Bihar Matsya Yojana 2026: मछली पालन के लिए लाखों की सब्सिडी, Online Apply

Bihar Matsya Yojana 2026 के तहत मछली पालन, तालाब निर्माण, पंपसेट और अन्य गतिविधियों पर अनुदान मिलेगा। जानें पात्रता, लाभ, दस्तावेज और Online Apply प्रक्रिया।

Bihar Matsya Yojana 2026: बिहार में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में कई मत्स्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र मछली पालकों, किसानों और अन्य लाभुकों को तालाब निर्माण, मत्स्य पालन, उपकरण, पंपसेट, एरेटर और मछली की विभिन्न प्रजातियों के पालन के लिए अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक पात्र आवेदक मत्स्य निदेशालय, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Bihar Matsya Yojana 2026: मछली पालन के लिए लाखों की सब्सिडी, Online Apply

Bihar Matsya Yojana 2026 क्या है?

बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय द्वारा मछली उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग योजनाएं लागू की गई हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना, मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना, विशेष घटक पैकेज योजना और मत्स्य प्रजाति का विविधिकरण जैसी योजनाओं के लिए लक्ष्य और अनुदान का प्रावधान किया गया है।

इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों और मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक एवं आवश्यक संसाधनों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

Bihar Matsya Yojana 2026 में ₹8 लाख से अधिक अनुदान का प्रावधान

बिहार की अलग-अलग मत्स्य योजनाओं में अनुदान की राशि योजना और लाभुक की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। उदाहरण के लिए मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना में एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण एवं इनपुट के लिए ₹9.69 लाख की इकाई लागत निर्धारित है, जबकि एक हेक्टेयर में दो तालाब के लिए ₹8.88 लाख और चार तालाब के लिए ₹7.32 लाख की इकाई लागत निर्धारित है। इस योजना में सामान्य, अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान दिया गया है।

इसके अलावा, विशेष परिस्थितियों में मत्स्य पालन से जुड़ी परियोजनाओं पर इससे भी अधिक अनुदान मिल सकता है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक गाइडलाइन और पात्रता को जरूर जांचना चाहिए।

2026-27 में कौन-कौन सी मत्स्य योजनाएं हैं?

योजना का नामप्रमुख लाभ/इकाई लागत
मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजनाउन्नत मत्स्य बीज, एरेटर, ट्यूबवेल एवं पंपसेट
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजनातालाब निर्माण एवं इनपुट आधारित मत्स्य पालन
तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना₹5.27 लाख प्रति यूनिट तक इकाई लागत
पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन₹10.34 लाख प्रति यूनिट तक इकाई लागत
माइनर कार्प पालन₹0.94 लाख प्रति यूनिट
कैट फिश एवं अन्य पालन₹1.35 लाख प्रति यूनिट
झींगा पालन₹1.10 लाख प्रति यूनिट
मोती पालन₹2.246 लाख प्रति यूनिट

उपरोक्त आंकड़े बिहार मत्स्य निदेशालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी योजना विवरण पर आधारित हैं।

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मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना

इस योजना के अंतर्गत मछली पालकों को अलग-अलग गतिविधियों के लिए सहायता दी जा रही है। 2026-27 के लिए:

  • उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन की इकाई लागत ₹1 लाख है।
  • एक व्यक्ति/परिवार को अधिकतम 0.5 एकड़ तक लाभ अनुमान्य है।
  • तालाब में यांत्रिक एरेटर के लिए ₹0.50 लाख की इकाई लागत निर्धारित है।
  • एरेटर के लिए सभी वर्गों के लिए 0.40 एकड़ जलक्षेत्र का तालाब आवश्यक है।
  • ट्यूबवेल एवं पंपसेट अधिष्ठापन के लिए ₹1.20 लाख की इकाई लागत निर्धारित है।
  • ट्यूबवेल एवं पंपसेट के लिए न्यूनतम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना

चौर क्षेत्र की भूमि को मत्स्य पालन आधारित गतिविधियों के लिए विकसित करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। 2026-27 में एक हेक्टेयर में अलग-अलग तालाब निर्माण मॉडल के लिए इकाई लागत निर्धारित की गई है।

  • एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण एवं इनपुट सहित: ₹9.69 लाख
  • एक हेक्टेयर में दो तालाब निर्माण एवं इनपुट सहित: ₹8.88 लाख
  • एक हेक्टेयर में चार तालाब निर्माण एवं इनपुट सहित: ₹7.32 लाख
  • भूमि की आवश्यकता: 1 हेक्टेयर
  • सामान्य, अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा SC/ST के लिए 50% अनुदान का प्रावधान।

Bihar Matsya Yojana 2026 विशेष घटक पैकेज योजना में कितना लाभ मिलेगा?

विशेष घटक पैकेज के अंतर्गत भी मत्स्य पालन से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना में ₹5.27 लाख प्रति यूनिट की इकाई लागत निर्धारित की गई है और 70 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान दिया गया है।

वहीं पठारी क्षेत्र में तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन योजना के लिए ₹10.34 लाख प्रति यूनिट की इकाई लागत निर्धारित है और संबंधित पात्र श्रेणी के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।

Bihar Matsya Yojana 2026 – मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना

मछली पालन करने वाले किसानों को अलग-अलग प्रजातियों के पालन के लिए भी सहायता दी जा रही है। इसमें:

  • माइनर कार्प पालन: ₹0.94 लाख प्रति यूनिट
  • कैट फिश एवं अन्य पालन: ₹1.35 लाख प्रति यूनिट
  • झींगा पालन: ₹1.10 लाख प्रति यूनिट
  • मोती पालन: ₹2.246 लाख प्रति यूनिट

इन योजनाओं के लिए निर्धारित विवरण में 60 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान दिया गया है। प्रत्येक यूनिट के लिए भूमि/जलक्षेत्र की आवश्यकता योजना के अनुसार निर्धारित है।

Bihar Matsya Yojana 2026 – कौन कर सकता है आवेदन?

योजना के अनुसार पात्रता अलग-अलग हो सकती है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बिहार दिशा-निर्देशों के अनुसार मछुआरे, मत्स्य पालक, मत्स्य विक्रेता, मत्स्य मजदूर, स्वयं सहायता समूह, संयुक्त देयता समूह, मत्स्यजीवी सहयोग समितियां, मत्स्य उद्यमी तथा अन्य पात्र संस्थाएं लाभार्थी हो सकती हैं। व्यक्तिगत आवेदक की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष निर्धारित है।

इसलिए किसी विशेष योजना के लिए आवेदन करने से पहले उसी योजना की आधिकारिक गाइडलाइन में पात्रता अवश्य देखें।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना के अनुसार दस्तावेज अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर आवेदक को निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • जाति प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो
  • भूमि से संबंधित दस्तावेज
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • निवास संबंधी दस्तावेज
  • संबंधित योजना के अनुसार अन्य आवश्यक कागजात

अंतिम दस्तावेज सूची के लिए संबंधित योजना की आधिकारिक गाइडलाइन देखना जरूरी है।

Bihar Matsya Yojana 2026 Online Apply कैसे करें?

बिहार मत्स्य निदेशालय की वेबसाइट पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन करने से पहले पंजीकरण करना अनिवार्य है।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:

  1. सबसे पहले बिहार मत्स्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. मत्स्य योजनाओं हेतु आवेदन वाले विकल्प पर क्लिक करें।
  3. नए आवेदक पहले अपना Registration पूरा करें।
  4. पंजीकरण के दौरान मांगी गई व्यक्तिगत एवं अन्य जानकारी भरें।
  5. संबंधित मत्स्य योजना का चयन करें।
  6. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  7. आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक जांचें।
  8. निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन सबमिट करें।
  9. आवेदन संख्या/रसीद को सुरक्षित रखें।

मत्स्य निदेशालय के ऑनलाइन पोर्टल पर मछली पालन योजनाओं के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

कहां से करें आवेदन?

इच्छुक आवेदक बिहार मत्स्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in के माध्यम से योजना की जानकारी और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया देख सकते हैं। विभाग ने 2026-27 की योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

Important Links

विवरणलिंक
Official WebsiteBihar Fisheries Department
Online RegistrationFisheries Registration Portal
State SchemesBihar Fisheries State Schemes
2026-27 GuidelinesFisheries Department Guidelines

निष्कर्ष

Bihar Matsya Yojana 2026 के तहत बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मछली पालन और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए कई योजनाएं शुरू/जारी रखी हैं। तालाब निर्माण, मछली पालन, एरेटर, पंपसेट, उन्नत मत्स्य बीज और विभिन्न मत्स्य प्रजातियों के पालन के लिए योजना के अनुसार अनुदान उपलब्ध है। पात्र आवेदकों को आवेदन करने से पहले संबंधित योजना की पात्रता, इकाई लागत, अनुदान प्रतिशत और दस्तावेजों की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

Updated: September 24, 2026 — 11:05 am

The Author

Prince

सब एडिटर (इंटरनेशनल डेस्क) sarkarimap(sarkarimap.com/). पत्रकारिता का अनुभव 1.5 साल. अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत करने के बाद sarkarimap.com में नई पारी का आगाज किया है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खबरों के लेखन में दिलचस्पी.

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